systemhalted by Palak Mathur

आज ज़माने से हार चूका हूँ मैं

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आज ज़माने से हार चूका हूँ मैं,जिससे करता हूँ प्यार ना पा सका हूँ मैं,

वोह संगदिल हसीना पास ही थी मेरे,  पर उससे बहुत दूर जा चूका हूँ मैं!!

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